🌎सुरे यासीन🌎बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम (अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान और रहम करनेवाला है।)
📗या-सीन(1)
📗क़सम है हिकमतवाले क़ुरआन की(2)
📗कि तुम यक़ीनन रसूलों में से हो,(3)
📗सीधे रास्ते पर हो,(4)
📗(और ये क़ुरआन) ग़ालिब और रहम करनेवाली हस्ती का उतारा हुआ है(5)
📗ताकि तुम ख़बरदार करो एक ऐसी क़ौम को जिसके बाप-दादा ख़बरदार न किये गए थे और इस वजह से वो ग़फ़लत में पड़े हुए हैं।(6)
📗इनमें से अक्सर लोग अज़ाब के फ़ैसले के हक़दार हो चुके हैं, इसी लिये वो ईमान नहीं लाते।(7)
📗हमने उनकी गर्दनों में तौक़ (पट्टे) डाल दिये हैं, जिनसे वो ठुड्डियों तक जकड़े गए हैं, इसलिये वो सर उठाए खड़े हैं।(8)
📗हमने एक दीवार उनके आगे खड़ी कर दी है और एक दीवार उनके पीछे। हमने उन्हें ढाँक दिया है, उन्हें अब कुछ नहीं सूझता।(9)
📗उनके लिये बराबर है, तुम उन्हें ख़बरदार करो या न करो, ये न मानेंगे।(10)
Surat No. 36 Ayat NO. 11
तुम तो उसी शख़्स को ख़बरदार कर सकते हो जो नसीहत की पैरवी करे और बेदेखे रहमान ख़ुदा से डरे। उसे माफ़ी और बाइज़्ज़त बदले की ख़ुशख़बरी दे दो।
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